100 सोनार की एक लोहार की, सहजन अभूतपूर्व औषधीय पौधा
सहजन एक बहु उपयोगी पेड़ है। इसे हिन्दी में सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा आदि नामों से भी जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे, "ड्रमस्टिक ट्री" भी कहते हैं। यह तेजी से बढ़ने वाला, सूखा से प्रभावित न होने वाला, मैरिनोग्रेसी कुल का पादप है। ये ओषधियों गुणों से गूंथा हुआ हैं। ऐसा वृक्ष जिसका पत्ता , फल , फूल , फलियां, गोंद तो बहुउपयोगी है तो छाल भी बहुत गुणकारी हैं। आर्युवेदाचार्य #सुश्रुत ऋषि ने अपनी #सुश्रुतसंहिता में भी इस वृक्ष का वर्णन किया हैं। खासकर इसके फूलों को सबसे अधिक गुणकारी बताया हैं। पुराने वक्त में जब रोग कम होते थे तब भी 150 रोगों को शमन करने के लिए वैद्य सहजन का प्रयोग करवाते हैं। यह भारत के हर क्षेत्र में पाया जाने वाला पौधा है। इसकी फूल, पत्ती, डाल, जड़ सभी में औषधीय गुण पाए जाते हैं जो मानव जीवन को स्वास्थ्य और निरोगी बनाए रखने में पूरा मदद करते है। इसकी खेती पश्चिमी प्रदेश में बहुतायत की जाती है। इसको सब्जी, पाउडर, काढ़ा की तरह से प्रयोग किया जाता है। आइए जाने सहजन के फायदे- अचूक फायदे। 🌹 1- इम्...