बांस (bomboo) के आश्चर्य जनक तथ्य
बाँस , ग्रामिनीई (Gramineae) कुल की एक अत्यंत उपयोगी घास है, जो भारत के प्रत्येक क्षेत्र में पाई जाती है। इसकी अनेक प्रकार की जाति होती है। मुख्य जातियाँ, बैंब्यूसा (Bambusa), डेंड्रोकेलैमस (नर बाँस) (Dendrocalamus) आदि हैं। बैंब्यूसा शब्द मराठी बैंबू का लैटिन नाम है। इसके लगभग 24 वंश भारत में पाए जाते हैं। बांस bomboo घर बनाने में ही नहीं अपितु स्वादिष्ट व्यंजन के लिए भी जाना जाता है। बांस शक्ति, सादगी और समृद्धि का प्रतीक होता है। वर्तमान समय में, बाज़ार में हज़ारों व्यावसायिक बांस उत्पाद उपलब्ध हैं और हर दिन नए अभिनव प्रयोग और अनुप्रयोग जुड़ते जा रहे हैं। इसमें निर्माण सामग्री से लेकर भोजन, दवा, संगीत वाद्ययंत्र, कपड़े, कागज़ की लुगदी, बाड़, टोकरी, बर्तन, साइकिल व अन्य सामग्रियां बनाई जा रही है। यह हमारे जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक साथ निभाता है। * बांस एक ऐसा पौधा है जिसकी शाखा के अंदरूनी भाग (Bamboo Shoot) को खाया जाता है। * बांस के पत्तों और टहनियों में मुख्य एंटीऑक्सीडेंट फिनोल, विटामिन सी और ई और सेलेनियम, तांबा, जस्ता, लोहा और मैंगनीज जैसे खनिज तत्व हैं।...