तिल के बारे में जानकारी
तिल (Sesamum indicum) एक पुष्पिय पौधा है। इसके कई जंगली रिश्तेदार अफ्रीका में होते हैं और भारत में भी इसकी खेती और इसके बीज का उपयोग हजारों वर्षों से होता आया है। यह व्यापक रूप से दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पैदा किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है ।
तिल के बीज से खाद्य तेल निकाला जाता है। तिल को विश्व का सबसे पहला तिलहन माना जाता है और इसकी खेती ५००० साल पहले शुरू हुई थी।
तिल में मैग्नीशियम होने के चलते यह रक्त कोशिकाओं को रिलैक्स करने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर के लेवल को मेंटेन रखता है. तिल में मौजूद जिंक और गुड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग रखने में मदद करते हैं. तिल में मौजूद हेल्दी फैट्स और फाइबर भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है.सेहत के लिए तिल के फायदे (Health benefits of sesame seed)
O हार्ट हेल्थ के लिए बेहतरीन बनाता है।
O कोलेस्ट्रोल को कम करने में सहायता करता है।
O एनीमिया में फायदेमंद होता है।
O ब्लड शुगर कंट्रोल करता है।
O कब्ज से छुटकारा दिलाता है।
O स्किन के लिए फायदेमंद होता है।
O हेयर फॉल रोकने में मददगार होता है।
भारत में तिल दो प्रकार का होता है— सफेद और काला। तिल की दो फसलें होती हैं— कुवारी और चैती। कुवारी फसल बरसात में ज्वार, बाजरे, धान आदि के साथ अधिकतर बोंई जाती हैं। चैती फसल यदि कार्तिक में बोई जाय तो पूस-माघ तक तैयार हो जाती है। वनस्पतिशास्त्रियों का अनुमान है कि तिल का आदिस्थान अफ्रीका महाद्वीप है। वहाँ आठ-नौ जाति के जंगली तिल पाए जाते हैं। पर 'तिल' शब्द का व्यवहार संस्कृत में प्राचीन है, यहाँ तक कि जब अन्य किसी बीज से तेल नहीं निकाला गया था, तव तिल से निकाला गया। इसी कारण उसका नाम ही 'तैल' (=तिल से निकला हुआ) पड़ गया। अथर्ववेद तक में तिल और धान द्वारा तर्पण का उल्लेख है। आजकल भी पितरों के तर्पण में तिल का व्यवहार होता है।
इसको गुड़ के साथ खाना काफी फायदे मंद होता है। इसके तेल से अन्य प्रकार के व्यंजन भी बनाए जाते है।
सूर्यास्त के बाद तिल की कोई भी वस्तु का प्रयोग नहीं करनी चाहिए। अमावस्या, रविवार और पूनम को तिल का तेल हानिकारक होता है।
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