शिव जी की कृपा

 आशुतोष तुम्ह अवढर दानी।

आरति हरहु दीन जनु जानी॥

हे सदाशिव! आप मेरी विनती सुनिए। आप आशुतोष (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) और अवढरदानी (मुँहमाँगा वरदान देने वाले) हैं। 
अतः मुझे अपना दीन सेवक जानकर सभी के दुःख को दूर कीजिए॥🙏🌹🌹

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