शिव रात्रि का महात्म
पौराणिक कथाओं के अनुसार महाशिव रात्रि शिव जी और माता पार्वती जी के पाणिग्रहण संस्कार का दिन माना जाता है।
यह फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्शी तिथि को शिव जी ने वैराग्य छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। इसी लिए प्रत्येक वर्ष माता गौरी और शिव (शंकर) के विवाहोत्सव के उपलक्ष्य में ही शिव रात्रि का पर्व मनाया जाता हैं।

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