पापा और उनकी बेटी

पापा_के_लाख_मना_करने_के_बावजूद_मैंने 3 साल पहले.
घर से भागकर पंकज से शादी कर ली।
शादी के पहले पंकज ने मुझे बहुत सारे ख्वाब दिखाए थे। कुछ दिन तक सब कुछ सही चला, फिर वह धीरे-धीरे.इसी बीच एक
दिन मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूं।

पंकज मेरी प्रेग्नेंसी की बात सुनकर भड़क गया, और मुझे अकेला छोड़ कहीं गायब हो गया।मैंने उसे ढूंढने की बहुत कोशिश की।

पैसे भी मेरे पास खत्म हो गए थे। और घर में खाने के लिए भी एक दाना नहीं बचा था।
भूख से टूटकर और मन से हार कर जब सारे रास्ते बंद नजर आने लगे, तो मुझे पापा की याद आई।अपने हारे हुए मन से मैंने पापा को फोन लगाया। पापा की जी भर रो लेने के बाद जब थोड़ा मन हल्का हुआ, तब पापा को मैंने सारी बात बताई और रोते हुए मन से कहा.. पापा मुझे एक बार और संभाल लो मैं अपने बच्चे को खोना नहीं चाहती।आवाज बंद हो गई और मैं बेहोश हो गई।
इतना कहकर मेरी जब आंख खुली तो मैंने देखा, कि मेरा सर पापा की गोद में था, और वह मेरे सर पर बड़े प्यार से हाथ फेर रहे थे। उस दिन समझ आ गया कि दुनिया में मां-बाप से बढ़कर कोई प्यार नहीं कर सकता. सुख दुख आते रहते हैं लेकिन मां-बाप सिर्फ खशियां और प्यार देते हैं..
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